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प्रायः सब सभी भारतीयों को यह भ्रम है कि दुनिया में अंग्रेजी सर्वत्र चलती है। ऐसा वस्तुतः है नहीं। चीन, जापान, कोरिया एवं लैटिन अमेरिकी (दक्षिण अमेरिकी) आदि देशों में अंग्रेजी के प्रति लोगों का उतना मोह देखने को नहीं मिलता जितना अपने देश भारत में। प्रमुखतया अंग्रेजी-भाषी कनाडा के फ़्रांसीसी-भाषी क्यूबेक प्रांत में स्थिति भारत की जैसी नहीं है। दुर्भाग्य है कि दुराग्रह से ग्रस्त व्यक्ति वास्तविकता को भी नकार देता है। अपने लगभग सात सप्ताह के कनाडा प्रवास के दौरान अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी भाषा को लेकर जो मैंने अनुभव किया उसे पाठकों के साथ इस लेखमाला के माध्यम से साझा कर रहा हूं।

 

पहले कुछ तस्वीरें:

कनाडा प्रवास

विगत ग्रीष्मकाल के दौरान लगभग 7 सप्ताह के अपने कनाडा प्रवास के दौरान अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी भाषाओं को लेकर मुझे जो अनुभव हुआ उस पर आधारित एक परिचयात्मक लेख मैंने पहली जनवरी की प्रविष्टि (पोस्ट) में प्रस्तुत किया था। उसके बाद क्यूबेक प्रांत के शहर मॉंट्रियाल में प्राप्त अनुभवों पर आधारित सचित्र लेख २४ फ़रवरी को पोस्ट की थी। 

तीन लेखों की अपनी लेखमाला में मैंने यह बताने का प्रयास किया है कि अंग्रेजी की वैश्विक व्यापकता को लेकर भारतीयों में जो भ्रम व्याप्त है वह वास्तविकता से परे है। अब इस तीसरे लेख में क्यूबेक प्रान्त के उसी नाम से विख्यात दूसरे बड़े शहर क्यूबेक में फ़्रांसीसी भाषा को लेकर मेरे देखने में जो आया उसका संक्षिप्त विवरण तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।

आगे बढ़ने से पहले दूसरे लेख की कुछ बातों का पुनरुल्लेख कर रहा हूं:

कनाडा की कुल आबादी (करीब 3.6 करोड़) का लगभग 25% फ़्रेंचभाषी यानी फ़्रांसीसीभाषी है। प्रायः सभी फ़्रांसीसी-भाषी राजकाज की आधिकारिक भाषा फ़ेंच वाले क्यूबेक प्रांत में रहते हैं – लगभग 82 लाख अकेले क्यूबेक (Quebec) प्रांत में और शेष करीब 3 लाख अति छोटे प्रांतों (न्यू ब्रुंसविक New Brunswick, मनिटोबा Manitoba, नोवा स्कोटिया Nova Scotia में, और छिटपुट तौर पर अन्यत्र रहते हैं। शेष कनाडा में अंग्रेजी प्रचलन में है। राष्ट्र के स्तर पर कनाडा की राजकाज की आधिकारिक भाषाएं अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी, दोनों, हैं।

क्यूबेक प्रांत का सबसे बड़ा शहर मॉंट्रियाल (Montreal, आबादी करीब 38 लाख) है। उपर्युक्त दूसरा लेख उसी शहर के अनुभव पर आधारित था, जहां मैं अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक पर्यटक के तौर पर गया था। क्यूबेक दूसरा बड़ा शहर है जहां हम पर्यटन के लिए गये थे। सन् 1608 में फ़्रांसीसियों के द्वारा बसाया गया यह शहर कनाडा के सबसे पुराने शहरों में से एक है। ध्यान दें कि यूरोप के लोगों (अंग्रेज एवं फ़्रांसीसी) ने कनाडा में 16वीं शताब्दी के 5वें दशक में बसना आरंभ किया था। इस समय शहर की आबादी करीब ८ लाख आंकी जाती है। यही शहर क्यूबेक प्रांत की राजधानी भी है। शहर पुराने किस्म का है इसलिए इसका अपना अलग ही आकर्षण है। यहां के आकर्षणों में महत्वपूर्ण है एक किला। मेरे मौजूदा लेख का विषय पर्यटक स्थलों का वर्णन करना नहीं है। मैं तो वहां के भाषाई अनुभव की बात करना चाहता हूं।

क्यूबेक प्रांत में फ़्रांसीसी मूल के लोग ही प्रमुखतया रहते हैं। वे आज भी अपनी भाषा फ़्रांसीसी पर गर्व करते हैं। वे हम भारतीयों की तरह नहीं हैं जो अपनी ही भाषाओं का तिरस्कार एवं विरोध करते हैं।

1. गांधी प्रतिमा

क्यूबेक शहर में फ़्रांसीसी भाषा की अंग्रेजी के सापेक्ष क्या स्थिति है इसे कुछ उदाहरणों के माध्यम से पाठकों के समक्ष रखता हूं। सबसे पहला उदाहरण मैं महात्मा गांधी की प्रतिमा का लेता हूं जो शहर के एक पुराने एवं भीतरी भाग की सड़क के किनारे एक पार्क पर लगी है। महात्मा गांधी पिछली शताब्दी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेताओं में अनन्य गिने जाते हैं और प्रायः सभी देशों में अनेक लोग उनके नाम तथा अहिंसा-उपदेश से परिचित हैं। विश्व के अनेक शहरों में उनकी प्रतिमाएं देखने को मिल जाती हैं। क्यूबेक में लगी उनकी प्रतिमा की तस्वीर यहां प्रस्तुत है:

ध्यान दें कि प्रतिमा पर गांधी जी के बारे में उत्कीर्ण जानकारी केवल फ़्रांसीसी मे है। कनाडा की आधिकारिक भाषाएं भले ही अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी, दोनों, हैं परंतु क्यूबेक प्रांत में अंग्रेजी को खास तवज्जू नहीं मिलती है। इसलिए गांधी-प्रतिमा पर अंग्रेजी में कुछ भी अंकित नहीं है। क्या भारत में ऐसा हो सकता है?

2. खरीद-फ़रोख्त की रसीद

मॉंट्रियाल एवं क्यूबेक में हमने खाने-पीने की वस्तुओं आदि की जो खरीदारी की उनकी रसीदें भी हमें फ़्रांसीसी में ही मिलीं, न कि अंग्रेजी में। देखें पांच रसीदों की छायाप्रतियों की तस्वीर:

अंग्रेजी सर्वत्र चलती है की बात करने वालों को अपने कथन पर किंचित विचार करना चाहिए। अवश्य ही दुकानों आदि पर आम बोलचाल के लिए हमने अंग्रेजी का ही प्रयोग किया (फ़्रांसीसी तो आती नहीं) और हमारा काम चल गया। किंतु हमने महसूस किया कि संबंधित दुकानदारों की अंग्रेजी सामान्य एवं कामचलाऊ ही रहती है। पर्यटकों के साथ संवाद-संपर्क के लिए उन्हें अंग्रेजी की जरूरत होती है, अन्यथा उनका कार्य फ़्रांसीसी से बखूबी चलता है।

यहां यह भी बता दूं कि क्यूबेक प्रांत में और उसके आसपास के शहरों, यथा ओटवा और टोरंटो (टुरानो), में भी उपभोक्ता सामानों पर आवश्यक जानकारी/निर्देश फ़्रांसीसी एवं अंग्रेजी, दोनों, में उपलब्ध रहती है। यह जानना दिलचस्प है कि भारत से आयातित सामान पर भी फ़्रांसीसी में अंकित जानकारी देखने को मिल जाती है। भारतीय उद्यमी वही जानकारी अपने देशवासियों को उनकी भाषा में नहीं देते। अपनी भाषाओं के प्रति हमारा रवैया कैसा है यह हम जानते हैं।

3. “जानें क्यूबेक” (Découvrir Québec)

क्यूबेक शहर में घूमते-फिरते मेरी नजर पड़ी एक सूचना-पट पर जो विशुद्ध फ़्रांसीसी में है। मैं पढ़ तो सकता नहीं किंतु यह समझ में आ गया कि उस पर अंग्रेजी का “डिस्कवर क्यूबेक” फ़्रांसीसी में (Découvrir Québec) लिखा गया है। उस सूचना-पट पर शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विवरण उल्लिखित था। पर्यटक उसे समझ पायें या नहीं इसकी वहां फ़्रांसीसी मूल के लोगों को परवाह नहीं। वे अपनी भाषा को सम्मान देने में विश्वास करते हैं।

4. पुरातत्व स्थल

क्यूबेक शहर की स्थापना सैम्युअल द शाम्प्लाँ (Samuel de Champlain) नामक फ़्रांसीसी नागरिक द्वारा 1608  की गई थी। शाम्प्लाँ अपने आप में बहुत कुछ था – सिपाही, मानचित्रकार, खोजकर्ता, भूगोलविद्‍, एवं राजनयिक आदि। उस समय फ़्रांसीसियों ने क्यूबेक प्रांत के उस क्षेत्र को “न्यू फ़्रांस” नाम से अपना उपनिवेश बनाया था। बाद में अंग्रेजों ने 1760 के युद्ध में उसे फ़्रांसीसियों से अपने आधिपत्य ले लिया था। आज भी शाम्प्लाँ को नगर संस्थापक के नाम पर याद किया जाता है। वहां पर उसके निवास-स्थल को स्मारक के रूप में जाना जाता है। उसी की जानकारी मुझे एक गली (सड़क) पर सूचना पट पर देखने को मिली फ़्रांसीसी भाषा में न कि अंग्रजी में।

 5. राष्ट्रसंघ कार्यालय

और आगे बढ़ने पर क्यूबेक में राष्ट्रसंघ (यू.एन.ओ.) की संस्था “यूनेस्को” (UNESCO) के कार्यालय का नामपट नजर आया। उसके बाबत कोई उल्लेखनीय बात नहीं। मेरे लिए बस यह देखना ही काफी था कि नामपट पर फ़्रांसीसी भाषा में लिखा है “PARC DE L’UNESCO” अर्थात् UNESCO Centre; यहां भी अंग्रेजी नहीं। (स्मरण रहे कि यूनेस्को की छः आधिकारिक भाषाएं हैं: अंग्रेजी, अरबी, चीनी, फ़्रांसीसी, रूसी एवं स्पेनी|)

 6. उत्सव स्थल

जब हम क्यूबेक में भ्रमण कर रहे थे वहां एक स्थल पर विज्ञान उत्सव (Science Festival)  के आयोजन की तैयारी चल रही थी । उसके लिए मंच और दर्शकों के बैठने के लिए स्थान तैयार किए जा रहे थे। आयोजन की तिथियां दो-तीन दिन बाद की थीं और हमें दूसरे ही दिन लौटना था। अतः हम आयोजन नहीं देख सकते थे। मेरी रुचि आयोजन में थी भी नहीं; मेरी दिलचस्पी तो उस स्थल पर उत्सव-संबंधी जो जानकारी लिखी गई थी उसकी भाषा में थी। उस स्थान की जो तस्वीर मैंने खींची वह प्रस्तुत है:

मंच के शीर्ष पर बांई ओर लिखा था “Scéne Fibe” और दाईं ओर “FÉSTIVAL D’ÉTÉ DE QUÉBEC”। यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आयोजन की कार्यवाही फ़्रांसीसी भाषा में संपन्न हुई होगी न कि अंग्रेजी में।

7. कार पार्किंग स्थल

क्यूबेक में राह चलते मेरी नजर पड़ी एक पार्किंग स्थल पर। दरअसल वह चारों ओर से “प्लास्टिक सीट” द्वारा घिरा हुआ अस्थाई पार्किंग स्थल था, जैसा कि उस पर फ़्रांसीसी भाषा में लिखित “stationnement temporaire” से स्पष्ट था। अपेक्षया छोटे अक्षरों मे बहुत कुछ आवश्यक जानकारी भी थी जिसे समझने की मुझे न तो आवश्यकता थी और न ही मैं समझ सकता था।

8. बस प्रदर्शन पट

मैं यहां दुबारा यह कहना चाहता हूं कि क्यूबेक में सभी स्थानीय कार्य फ़्रांसीसी भाषा में ही संपन्न होते हैं। हमने शहर के एक स्थान से दूसरे स्थान तक नगरीय बस-सेवा के माध्यम से आवागमन किया। यात्रियों के लिए बस-मार्ग का नाम, अगले बस-स्टॉप का नाम, आदि की जानकारी फ़्रांसीसी में बस के भीतर लगे एलेक्ट्रॉनिक सूचना-पट पर प्रदर्शित होते हुए मैंने पाया।

9. सैंट लॉरेंस नदी फ़ेरी सेवा

क्यूबेक शहर सैंट लॉरेंस (St. Lawrence) नदी के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर बसा है। यह नदी कनाडा की तीसरी सबसे बड़ी नदी है (लंबाई लगभग 3,000 कि.मी.) और इस शहर में इसका पाट करीब 3 कि.मी. है। नदी पर दूर-दूर पर पुल बने हैं किंतु नदी किनारे बने क्यूबेक-किले के सामने से नदी के दूसरे किनारे की बस्ती पर पहुंचने के लिए फ़ेरी (वृहन्नौका) की सेवा उपलब्ध है। इस सेवा का उपयोग पर्यटकों को नदी से शहर का नजारा पाने के लिए भी किया जाता है। हमने भी फ़ेरी-सेवा का लाभ उठाया। फ़ेरी के प्रवेश-द्वार पर प्रदर्शित जानकारी की तस्वीर प्रस्तुत है यह बताने के लिए कि यहां भी अंग्रेजी में सूचना प्रदर्शित नहीं थी।

अंत में

इन चित्रों को प्रस्तुत करने का मेरा मकसद सीधा-सा है कि अंग्रेजी सर्वत्र चलती है हम भारतीयों की यह धारणा तथ्यों पर आधारित नहीं है। मुझे यह जानकारी है कि चीन, जापान, कोरिया के बड़े बहुतारांकित (मल्टीस्टार्ड) होटलों-रेस्तराओं को छोड़ दें तो छोटी-मोटी जगहों पर पर्यटकों के सामने विचार-संप्रेषण की समस्या खड़ी हो जाती है। उन जगहों का मुझे व्यक्तिगत अनुभव नहीं है। किंतु कोई 30-32 साल पहले पेरिस भ्रमण के समय ऐसी दिक्कत मुझे भी हुई। अपने अन्य ब्लॉग में मैंने तब के अपने अनुभव को कहानी के रूप में लिखा है। बाद में पता चला कि वहां अंग्रेजी जानने वाले कम नहीं, परंतु फ़्रांसीसी छोड़ अंग्रेजी में वार्तालाप करना उनको पसद नहीं। फ़्रांसीसियों का अंग्रेजी विरोध तो ऐतिहासिक है। हम भारतीयों का रवैया ठीक उल्टा है। अपने अंग्रेजी-लगाव के औचित्य के लिए हम किसी भी तर्क-कुतर्क को पेश करने में नहीं हिचकते। – योगेन्द्र जोशी

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प्रायः सब सभी भारतीयों को यह भ्रम है कि दुनिया में अंग्रेजी सर्वत्र चलती है। ऐसा वस्तुतः है नहीं। चीन, जापान, कोरिया एवं लैटिन अमेरिकी (दक्षिण अमेरिकी) आदि देशों में अंग्रेजी के प्रति लोगों का उतना मोह देखने को नहीं मिलता जितना अपने देश भारत में। प्रमुखतया अंग्रेजी-भाषी कनाडा के फ़्रांसीसी-भाषी क्यूबेक प्रांत में स्थिति भारत की जैसी नहीं है। दुर्भाग्य है कि दुराग्रह से ग्रस्त व्यक्ति वास्तविकता को भी नकार देता है। अपने लगभग सात सप्ताह के कनाडा प्रवास के दौरान अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी भाषा को लेकर जो मैंने अनुभव किया उसे पाठकों के साथ इस लेखमाला के माध्यम से साझा कर रहा हूं।

 

विगत ग्रीष्मकाल के दौरान लगभग 7 सप्ताह के अपने कनाडा प्रवास के दौरान मुझे अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी भाषाओं को लेकर जो अनुभव हुआ उस पर आधारित एक परिचयात्मक लेख मैंने पहली जनवरी की प्रविष्टि (पोस्ट) में प्रस्तुत किया था। तीन लेखों की अपनी लेखमाला में मैंने यह बताने का प्रयास किया है कि अंगरेजी की वैश्विक व्यापकता को लेकर भारतीयों में जो भ्रांति व्याप्त है वह वास्तविक जानकारी पर आधारित नहीं है। इस दूसरे लेख में मॉंट्रियाल शहर में फ़्रांसीसी भाषा को लेकर मेरे देखने में जो कुछ आया उसका संक्षिप्त विवरण कुछ तस्वीरों के माध्यम से मैं यहां प्रस्तुत कर रहा हूं।

कनाडा की कुल आबादी (करीब 3.6 करोड़) का लगभग 25% फ़्रेंच यानी फ़्रांसीसी भाषाभाषी है। प्रायः सभी फ़्रांसीसी-भाषी राजकाज की आधिकारिक भाषा फ़ेंच वाले क्यूबेक प्रांत में रहते हैं – लगभग 82 लाख अकेले क्यूबेक (Quebec) प्रांत में और शेष करीब 3 लाख अति छोटे प्रांतों (न्यू ब्रुंसविक New Brunswick, मनिटोबा Manitoba, नोवा स्कोटिया Nova Scotia में, और छिटपुट तौर पर अन्यत्र रहते हैं। शेष कनाडा में अंग्रेजी प्रचलन में है। राष्ट्र के स्तर पर कनाडा की राजकाज की आधिकारिक भाषाएं अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी, दोनों, हैं।

क्यूबेक प्रांत का सबसे बड़ा शहर मॉंट्रियाल (Montreal, आबादी करीब 38 लाख) है। यह ऑंटारियो प्रांत के टोरंटो (Toronto, आबादी करीब 56 लाख) शहर के बाद कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। एक पर्यटक के तौर पर मैं अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मॉंट्रियाल गया। पर्यटन की दृष्टि से वहां बहुत कुछ दर्शनीय उपलब्ध है। उस सब का ब्योरा प्रस्तुत करना मेरा मकसद नहीं है। पर्यटन के दौरान दर्शनीय स्थानों पर घुमते-फिरते फ़्रांसीसी भाषा को लेकर वहां जो कुछ मुझे देखने को मिला उस को मैंने अपने स्मृति-पटल एवं कैमरा में संचित करने का प्रयास किया। हर बात चित्रों में अंकित नहीं की जा सकती थी, फिर भी बहुत कुछ ऐसा अवश्य था जिसके माध्यम से पाठकों तक यह जानकारी पहुंचाई जा सकती है कि प्रमुखतया अंग्रेजी-भाषी देश होते हुए भी कनाडा के उस क्षेत्र में फ़्रांसीसी का ही बोलबाला है।

खरीद-फ़रोख्त की रसीद

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मॉंट्रियाल में हमने एक स्थान पर “मेट्रो” नामक “फ़ूडमार्ट” से कुछ फल आदि भोज्य सामग्री खरीदी थीं। अन्य स्थल पर “सबवे” नाम के रेस्तरां में भोजन भी किया था। अन्यत्र पॉपकॉर्न का आस्वादन भी किया था। इन स्थानों पर मिले खरीद-फरोख्त की रसीदों की तस्वीर बानगी के तौर पर मैं प्रस्तुत कर रहा हूं। (चित्र में क्यूबेक की दो रसीदों की तस्वीरें भी शामिल हैं।) ध्यान दें कि ये रसीदें फ़्रेंच भाषा में हैं। इनमें क्या लिखा है यह मैं नहीं बता सकता, क्योंकि कहां क्या खरीदा होगा वह ठीक-ठीक अब याद नहीं है। इन रसीदों का उल्लेख यह बताने के लिए मैं कर रहा हूं कि हमारे देश की भांति क्यूबेक प्रांत में रसीदें अंग्रेजी में नहीं मिलती हैं। राज्य की भाषा फ़्रांसीसी होने का मतलब है लेनदेन की लिखापढ़ी भी फ़्रांसीसी में किया जाना। अपने देश में तो सर्वत्र अंग्रेजी में ही रसीदों का प्रचलन है!

मेट्रो स्टेशन

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हम लोगों ने शहर के भीतर एक स्थान से दूसरे तक जाने के लिए “मेट्रो ट्रेन” की सेवा का भी लाभ लिया। मॉन्ट्रियाल के भूमिगत एक स्टेशन पर गाड़ी की प्रतीक्षा के समय वहां पर दीवाल पर प्रदर्शित विज्ञापन अथवा जानकारी पर मेरी दृष्टि पड़ी तो मैंने उसकी तस्वीर कैमरे में कैद कर ली। यहां प्रस्तुत चित्र उसी छायाचित्र की प्रति है। इस प्रकार के प्रदर्शन-पट (डिस्प्ले-बोर्ड) शहर के अन्य स्थलों पर भी देखने मिल जाते हैं। और ये सभी फ़्रांसीसी भाषा में ही रहते हैं; शायद ही कहीं अंग्रेजी में मिलते हों। प्रस्तुत चित्र के बांये ऊपरी कोने पर उस टिकट (या टोकन जैसा कि उसे वहां कहा जाता है) की प्रति को भी मैंने प्रदर्शित किया है जिसको साथ लेकर मैंने आवागमन किया। यह टोकन भी पूरी तरह फ़्रांसीसी में ही है।

मॉन्ट्रियाल ओलम्पिक स्टेडियम टावर

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आज से चालीस वर्ष पूर्व सन्‍ 1976 में मॉन्ट्रियाल में ओलम्पिक खेल आयोजित हुए थे। उस समय वहां क्रीड़ांगनों (स्टेडियमों) और अन्य भवनों का निर्माण किया गया था। उनमें से प्रमुख था “मॉंट्रियाल स्टेडियम टावर” जो स्वयं में 165 मीटर ऊंचा एक तिरछा स्तंभ है जिसके शीर्ष पर शहर का नजारा देखने के लिए चारों ओर चलने-फिरने का स्थान प्राप्य है। साथ में एक रेस्तरां एवं स्मारक-वस्तुओं/उपहारों की दुकान भी है। वहां पहुंचने के लिए लिफ़्ट की व्यवस्था है। हम लोग भी टावर के शीर्ष पर गये थे। वह टावर उस काल की अनूठी भवन-संरचना के लिए विख्यात हुआ था। इस संदर्भ में वहां बड़े-से बोर्ड पर “गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स” द्वारा प्रदत्त प्रमाणपत्र की प्रदर्शित छायाप्रति मेरी नजर में आई जिसे में यहां प्रस्तुत किया है।

वहां प्रदर्शित बोर्ड पर उल्लिखित जानकारी पूर्ण्तया फ़्रेंच भाषा में है। बोर्ड के निचले भाग में दायीं ओर गिनीस-रेकॉर्ड के प्रमाणपत्र की प्रति भी अंकित है जो अंग्रेजी में है, कदाचित इसलिए कि प्रमाणपत्र अंग्रेजी में ही दिए जाते होंगे। चित्र के निचले भाग में बांयी तरफ़ “इनसेट” में एक रंगीन तस्वीर भी शामिल। यह उसी टावर की तस्वीर है। ध्यान दें कि इस टावर के आधार/तले से लगभग सटी-हुई एक अंडाकार भवन-संरचना भी देखने को मिल रही है। 1976 के ओलंपिक खेलों के समय इसके भीतर साइकिल दौड़ के लिए “साइकिल-ट्रैक” (वेलोड्रोम velodrome) बनाया गया था। 1992 में इसे जैविक संग्रहालय के तौर पर इस्तेमाल में ले लिया गया। इस गुंबदाकार भवन के बाहर नाम-पट पर लिखित है “Biodome de Montreal” फ़्रांसीसी में।

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वनस्पति उद्यान, मॉंट्रियाल

मेरी समझ में मॉंट्रियाल का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटक एवं दर्शनीय स्थान है वहां का वनस्पति उद्यान (Botanical Garden of Montreal, फ़्रांसीसी में Jardin Botanique de Montreal)। उद्यान के प्रवेश-द्वार के बाहर तीन सूचना-पटों पर फ़्रेंच भाषा में लिखित संकेत देखने को मिलते हैं। उनके आंशिक तस्वीरों को यहां एक साथ प्रस्तुत किया गया है। सूचना-पटों पर क्या लिखा है इसका अनुमान लगाया जा सकता था, किंतु अंग्रेजी में न होने के कारण वे हमारे लिए स्पष्ट नहीं थे।

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प्रवेश-द्वार पर एक सूचना-पट भी प्रदर्शित है जिससे पता चलता है कि इस उद्यान की व्यवस्था मॉंट्रियाल विश्वविद्यालय (Universite de Mntreal) के प्रशासनिक/शैक्षिक नियंत्रण में है। वस्तुतः यह विश्वविद्यालय के “वनस्पति-विज्ञान शोध संस्थान” (Institute de researche en biologie vegetale) का हिस्सा है। ध्यान दें कि फ़्रांसीसी और अंग्रेजी के कई शब्द मिलते-जुलते हैं, इसलिए प्रदर्शित सूचनाएं थोड़ा-बहुत समझ में आ जाती हैं। किंतु विश्वविद्यालय का विभाग होने के बावजूद विविध जानकारियां अंग्रेजी में लिखित नहीं देखने को मिलीं यह मेरे विचार में ध्यानाकर्षक तो है ही हम भारतीयों के लिए विचारणीय भी है। ऐसा लगता है कि विश्वविद्यालय का शिक्षण-माध्यम प्रमुखतया फ़्रांसीसी ही है होगी, भले ही साथ-साथ अंग्रेजी का भी व्यवहार होता हो।

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इस उद्यान का नक्शा भी प्रवेश-द्वार पर देखने को मिलता है लेकिन वह फ़्रांसीसी न जानने वाले के लिए समझ से परे ही कहा जायेगा।

उद्यान का अंतरंग

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उद्यान के अंदर प्रवेश करने पर स्थान-स्थान पर प्रचलित संकेतों और फ़्रांसीसी में लिखित संदेशों के माध्यम से यह बताया गया है कि कहां क्या है और किस ओर प्रवेश-मार्ग और किस ओर निकास-मार्ग हैं।

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उद्यान के भीतर प्रदर्शित सूचना-पटों में से एक की तस्वीर यहां उदाहरण-स्वरूप प्रस्तुत है। मेरे अनुमान में फ़्रांसेसी में लिखित सूचना शायद यह संदेश देती है कि उद्यान के टिकट से प्राप्त धन प्रकृति-संरक्षण में लगाया जाता है।

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एक अन्य सूचना-पट पर लिखित जानकारी से यह प्रतीत होता है कि उद्यान के एक अंग “चीनी उद्यान” (Le jardin de Chine) का इस समय (2015-17) restoration कार्य चल रहा। अतः उद्यान के इस हिस्से का हम दर्शन हम नहीं कर सके।

निष्कर्ष

इस आलेख में शामिल गिने-चुनी तस्वीरों के माध्यम से मैंने पाठकों के समक्ष यह तथ्य रखने का प्रयास किया है कि क्यूबेक में तमाम स्थानों पर केवल फ़्रांसीसी में लिखित जानकारी प्रदर्शित की हुई मिलती है। इसका अर्थ यह है कि अंग्रेजी के प्रति जैसा आकर्षण एवं उत्साह हम भारतीयों में देखने को मिलता है वैसा अन्य बहुत-से देशों में देखने को नहीं मिलता है। अंग्रेजी की गुलामी उन देशों की खासियत है जो अंग्रेजी शासन के अधीन रहे और जहां अंग्रेजी की जड़ें इतनी गहरी बैठ गयीं कि अंग्रेजों से मुक्ति के बाद भी अंग्रेजी से मुक्ति लोगों को नहीं मिली। और अब इस भाषाई गुलामी से मुक्ति के कोई आसार नजर नहीं आते हैं।

अगले आलेख में मेरा प्रयास क्यूबेक शहर में प्राप्त भाषा संबधी अनुभवों का उल्लेख करने का है। क्यूबेक अपने ही नाम वाले प्रांत का दूसरा बड़ा शहर और पर्यटक स्थल है। – योगेन्द्र जोशी

और कुछ तस्वीरें-

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कनाडा प्रवास, Canada residence, कनाडा की भाषाएं, Languages in Canada, कनाडा में फ़्रांसीसी भाषा, French language in Canada, क्यूबेक में फ़्रेंच, French in Quebec

“आज ख्रिस्तीय नववर्ष, 2017, के आरंभ का पहला दिन है। आधुनिक काल में इसे एवं इसकी पूर्वसंध्या को विश्व में प्रायः सर्वत्र एक पर्व के तौर पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर देश-विदेश के सभी नागरिकों को मेरी शुभाकांक्षाएं।”

अधिकांश भारतीयों को यह भ्रम है कि दुनिया में अंग्रेजी सर्वत्र चलती है। ऐसा वस्तुतः है नहीं। अपने लगभग सात सप्ताह के कनाडा प्रवास के दौरान अंग्रेजी एवं फ़्रांसीसी भाषा को लेकर जो मैंने अनुभव किया उसे पाठकों के साथ इस लेखमाला के माध्यम से साझा कर रहा हूं। उद्येश्य यह समझाना है कि कनाडा तक में अंग्रेजी उतनी नहीं चलती है जितनी लोग सोचते होंगे। दुर्भाग्य है कि दुराग्रह से ग्रस्त व्यक्ति वास्तविकता को भी नकार देता है।

पहले एक छायाचित्र, नियागरा जलप्रपात (कनाडा) का –

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कनाडा: संक्षिप्त परिचय

विगत ग्रीष्मकाल के दौरान मैं एवं मेरी पत्नी उत्तरी अमेरिकी द्वीप के देश कनाडा (Canada) के एक छोटे शहर लंडन (London) में अपने बेटे-बहू के पास लगभग 45-50 दिन के लिए प्रवास पर रहे। यहां यह बता दूं कि अंग्रेजों ने कनाडा के कई शहरों, राजमार्गों, नदियों आदि के नाम ब्रिटेन में प्रचलित नामों पर ही रखा। लंडन नाम इंग्लैंड के लंडन के नाम की नकल है। दिलचस्प यह भी है कि इस शहर में एक छोटी-सी नदी बहती है जिसका नाम भी इंग्लैंड के टेम्स (Thames) नदी के नाम पर ही है।

कनाडा प्रमुखतया अंग्रेजों का उपनिवेश हुआ करता था। क्यूबेक (Quebec) नाम से ज्ञात उसके पूर्वी समुद्रतटीय  प्रदेश और उसके आसपास का अपेक्षया छोटा इलाका कभी फ़्रांसीसी (फ़्रेंच) उपनिवेश हुआ करता था। किंतु उसे अंग्रेजी ने 1770 के दशक के युद्ध में फ़्रांसीसी सरकार से जीत लिया था।

कनाडा को जुलाई 1, 1967, में ब्रितानी राज से पूर्ण स्वायत्तता मिल गयी थी, लेकिन  संप्रभु राष्ट्र का दर्जा ब्रिटेन ने नहीं दिया। इस तारीख को कनाडावासी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। सन्  1982 में  कनाडा ऐक्ट (Canada Act) के पारित होने के बाद वह देश औपचारिक रूप से एक संप्रभु राष्ट्र बन गया।

नाडा की कुल आबादी करीब 3.6 करोड़ है और क्षेत्रफल करीब 91 लाख वर्ग किमी। उसकी तुलना में भारत की अनुमानित आबादी इस समय 130+ करोड़ है, यानी कनाडा से लगभग 36 गुना अधिक। किंतु भारत का क्षेत्रफल उसकी अपेक्षा केवल एक-तिहाई है। इस प्रकार कनाडा में प्रति व्यक्ति भूमि की उपलब्धता भारत की अपेक्षा करीब दस गुना – जी हां दस गुना – अधिक है। यह बात भी ज्ञातव्य है कि उस देश का अधिकांश भाग, विशेषतः पूर्व से पश्चिम तक का उत्तरी क्षेत्र, मानव जीवन-यापन के अनुकूल नहीं है। इसलिए कनाडा में लोग अमेरिका से लगे सीमावर्ती दक्षिणी क्षेत्र में ही वसे हैं।

कनाडा – आधिकारिक भाषाएं

कनाडा में राजकाज की दो आधिकारिक भाषाएं (Official Languages) हैं: अंग्रेजी (English) और फ़्रांसीसी (French)। फ़्रांसीसी बोलने वाले करीब 85 लाख है, अर्थात्‍ कुल जनसंख्या का लगभग एक-चौथाई। इनमें से 82 लाख के करीब अकेले क्यूबेक (Quebec) प्रांत में हैं; शेष करीब 3 लाख छोटे प्रांतों, न्यू ब्रुंसविक (New Brunswick) (2 लाख 34 हजार), मनिटोबा (Manitoba) (47.6 हजार), तथा नोवा स्कोटिया (Nova Scotia) (34.5 हजार) में रहते हैं। क्यूबेक प्रांत की अपनी आधिकारिक भाषा केवल फ़्रांसीसी है। उक्त अन्य की फ़्रांसीसी के साथ अंग्रेजी भी है।

कनाडा के अन्य प्रांतों की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। मैं जिस शहर लंडन (London, Canada) में रहा वह कनाडा के ऑंटारिओ (Ontario) प्रांत में है। कनाडा का सबसे बड़ा शहर टोरंटो (Toronto) है (आबादी करीब 60 लाख), जिसका  फ़्रांसीसी उच्चारण टोरानो है, इसी प्रांत में है। लंडन शहर इस शहर से 191 किमी की दूरी पर है।

ऑंटारिओ एवं क्यूबेक में फ़्रांसीसी भाषा

कनाडा की राजधानी ओटवा (Ottawa) है जो इसी नाम की नदी के दक्षिणी किनारे पर बसा है (आबादी करीब 13 लाख)। ऑंटारिओ एवं क्यूबेक प्रांतों की विभाजक सीमा रेखा भी यही नदी है। नदी के दूसरी ओर बसा है फ़्रेंचभाषी क्यूबेक प्रांत का गैटनो (gatineau) शहर। स्पष्ट है कि क्यूबेक की सन्निकटता के कारण राजधानी ओटवा में फ़्रेंचभाषा का प्रचलन काफी हद तक होना स्वाभाविक है। दरअसल प्रांत ऑंटारिओ के क्यूबेक से लगे होने के कारण उसके सीमावर्ती क्षेत्र में अंग्रेजी के साथ फ़्रेंचभाषा का भी कुछ हद तक प्रचलन देखने को मिलता है।

कनाडा का शहर टोरंटो या टोरानो भी क्यूबेक प्रांत के निकट है और उससे कुछ दूरी पर लंडन शहर है (आबादी 5 लाख) । वहां भी यदाकदा फ़्रेंच का प्रयोग देखने को मिल जाता है। एक बार मैं लंडन के ह्यूरॉन सड़क पर टहल रहा था तो मेरी नजर एक चैपल (Chapel) पर पड़ी जिसके परिसर में प्रदर्शित सूचनापट्ट पर केवल फ़्रांसीसी में लिखा है। देखें प्रस्तुत छायाचित्र (फोटो)।

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मेरा अनुमान है कि चित्र में दिख रहा धार्मिक स्थल चैपल लंडन में रह रहे मुख्यतः फ़्रेंचभाषियों के लिए स्थापित है। इस पर अंकित जानकारी में अंग्रेजी कहीं नहीं है। लंडन शहर प्रमुखतया अंग्रेजीभाषी है, फिर भी वहां कुछ लोग फ़्रेंच को तवज्जो देते हैं।

चूंकि कनाडा की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी के साथ फ़्रांसीसी भी है अतः सरकारी कामकाज दोनों में होता है। प्रांतों की इनमें से एक अपनी भाषा है और उनका कार्य उसी भाषा में होता है। क्यूबेक में केवल फ़्रांसीसी चलती है यह मैं अगले दो लेखों में स्पष्ट करूंगा। यहां मैं इतना बता दूं कि वहां उपलब्ध उपभोक्ता सामग्री पर प्रायः दोनों भाषाओं में जानकारी छपी रहती है। भारत से आयातित कई उत्पादों पर मैंने अंग्रेजी के साथ फ़्रांसीसी में भी जानकारी छपी देखी है। ये ही उत्पाद जब भारत के भीतर उपभोग के लिए उपलब्ध होती हैं तो उन पर न क्षेत्रीय भाषा में और न ही राजभाषा हिन्दी में जानकारी दी जाती है।

भारत – अपनी भाषाएं तिरस्कृत

उक्त बात दर्शाती है कि इस देश में देशज भाषाओं को कोई अहमियत नहीं मिलती है। देश में अंग्रेजी जानने वाले 10-11% से अधिक नही होंगे, फिर भी उपभोक्ता को केवल अंग्रेजी में जानकारी देना इस देश के लोगों की हीनभावना या गुलाम मानसिकता अथवा सामाजिक असमानता बनाए रखने के विचार का द्योतक है ऐसा मेरा सोचना है।

मैं अगले दो आलेखों में क्यूबेक के मोंट्रियाल (आबादी 38-39 लाख के बीच) एवं क्यूबेक (आबादी 8 लाख) शहरों में फ़्रेंच के बोलबाले की चर्चा करूंगा।

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